Wednesday, 8 April 2015

जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान

जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान 


जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान
किया बनल छे तु एतेक अञ्जान
कतेक सहैत रहबे तु अपमान
तु त छे मधेशक सपूत महान
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...
सुन्नर बस्ती तोहर जरा रहल छौ
बन्दुक, गोली देखाकए डरा रहल छौ
तोहर पीठपर डण्टा बरसा रहल छौ
शोषण दमन केर जाल फेक रहल छौ
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान......
सुन्न भ’ रहल छौ तोहर कोठी बखारी
मौन बनल छे, तोहर केहेन ई लाचारी
तोहर खम्हनीपर चला रहल छौ आरी
कहियाधरि बनल रहबे परके सवारी
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान .....


तोरे घरमे क रहल छौ ओ शासन
किया भुलल छे ओ कपटीके भाषण
ओ दुष्ट रचि रहल छौ नव आसन
दरदर भटकै छे, मोछ टेरैत छौ रावण
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान......
तोहर मुँहमे ओ ताला लगेलकौ
आँखिमे करिया पट्टी बान्हलकौ
तोहर हातमे  हथकडी लगेलकौ
दुनु पैरमे सेहो जञ्जीर बान्हलकौ
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...


तोहर करेजमे ओ छुरी चलाबै छौ
डरा–डरा कए तोरा गुलाम बनाबै छौ
तोहर गर्दनि पर तलवार चलाबै छौ
जान तोहर ल कए, ठहाका मारै छौ
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...
तोरे पर टिकल छै सभक भरोसा
आब कतेक देखैत रहबे तुँ तमासा
तोरेमे छुपल छै स्वर्णिम मधेशक आशा
पुर्ण करए परतौ सभक अभिलाशा
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...


जुनि देख पाछा, आजादी खातिर बढैत चल
दासताके जञ्जीर तोडए खातिर चलैत चल
झुकिहे नहि कहियो, मुक्ति या मुत्यू रटैत
माँ मधेशक रक्षा हेतु दुश्मनके छाती कुचलैत चल
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...


राह कठिन छै मुदा जीत सुनिश्चित छै जानि ले
एकहिटा मन्त्र स्वतन्त्र मधेश ई मोनमे ठानि ले
रघुनाथ, रामराजा, गजेन्द्रक सन्तती से जानि ले
मधेशक रक्षक वीर सिपाही, मैदानी जंग ठानि ले
जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...
२०७१ चैत्र २६ गते 






 


No comments:

Post a Comment