तोहर करेजमे ओ छुरी चलाबै छौ डरा–डरा कए तोरा गुलाम बनाबै छौ तोहर गर्दनि पर तलवार चलाबै छौ जान तोहर ल कए, ठहाका मारै छौ जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान... तोरे पर टिकल छै सभक भरोसा आब कतेक देखैत रहबे तुँ तमासा तोरेमे छुपल छै स्वर्णिम मधेशक आशा पुर्ण करए परतौ सभक अभिलाशा जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...
जुनि देख पाछा, आजादी खातिर बढैत चल दासताके जञ्जीर तोडए खातिर चलैत चल झुकिहे नहि कहियो, मुक्ति या मुत्यू रटैत माँ मधेशक रक्षा हेतु दुश्मनके छाती कुचलैत चल जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान...
राह कठिन छै मुदा जीत सुनिश्चित छै जानि ले एकहिटा मन्त्र स्वतन्त्र मधेश ई मोनमे ठानि ले रघुनाथ, रामराजा, गजेन्द्रक सन्तती से जानि ले मधेशक रक्षक वीर सिपाही, मैदानी जंग ठानि ले जाग जाग रे मधेशी वीर नौजवान... २०७१ चैत्र २६ गते
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